BRICS Summit 2026: पीएम मोदी और शी चिनफिंग ने रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की पेशकश की, पुतिन ने किया स्वागत

नई दिल्ली, दिल्ली
नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की दिशा में भारत और चीन की ओर से महत्वपूर्ण पहल की बात सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने संघर्ष का समाधान खोजने में मदद के लिए मध्यस्थता की पेशकश की। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दोनों नेताओं की इस पहल का स्वागत किया है।
Highlights
- पीएम मोदी और शी चिनफिंग ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान में मदद की पेशकश की।
- पुतिन ने दोनों नेताओं के मध्यस्थता प्रस्ताव का स्वागत किया।
- मोदी और पुतिन के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई।
- भारत ने संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने की बात दोहराई।
मोदी और शी ने दिखाई शांति समाधान में रुचि
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और शी चिनफिंग ने अपनी-अपनी द्विपक्षीय बैठकों के दौरान यूक्रेन संकट के समाधान में गहरी रुचि दिखाई। दोनों नेताओं ने समाधान खोजने में मदद के लिए अपनी मध्यस्थता की पेशकश भी की।
रूस की ओर से इस प्रस्ताव को सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा गया है। हालांकि, मध्यस्थता किस प्रारूप में होगी और इसके लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस संबंध में तत्काल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई।
पीएम मोदी और पुतिन के बीच अहम बैठक
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भी द्विपक्षीय बैठक हुई। इसमें दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ-साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने पर चर्चा हुई।
बैठक में आर्थिक सहयोग कार्यक्रम 2030 के कार्यान्वयन पर विशेष रूप से बातचीत हुई। इसके अलावा बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के मुद्दे भी चर्चा में रहे।
दो सप्ताह के भीतर दूसरी मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि दोनों नेता दो सप्ताह से भी कम समय के अंतराल में दूसरी बार आमने-सामने आए। इससे पहले दोनों की मुलाकात 31 अगस्त को बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बैठक को लेकर कहा कि दिल्ली में राष्ट्रपति पुतिन से मिलकर उन्हें खुशी हुई। उन्होंने बताया कि बातचीत में व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने तथा आर्थिक सहयोग कार्यक्रम 2030 को लागू करने पर चर्चा हुई।
पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र पर भी चर्चा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्षों समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इन संघर्षों का असर समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत शांति स्थापित करने के प्रयासों में अपनी ओर से सहायता देने के लिए तैयार है।
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत लगातार संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान की वकालत करता रहा है। ऐसे में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान मध्यस्थता की पेशकश से इस मुद्दे पर भारत की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका की चर्चा और तेज हो गई है।



