
खबर (सब तक एक्सप्रेस):
जयपुर में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां प्रार्थी बनवारी लाल शर्मा ने जे़डीए, पुलिस और भू-माफियाओं की मिलीभगत से उनकी कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी बसाने का आरोप लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बनवारी लाल शर्मा पुत्र श्याम सुंदर शर्मा, निवासी नागल जैसा बोहरा, झोटवाड़ा (जयपुर) की संयुक्त खातेदारी की कृषि भूमि ग्राम नांगल जैसा बोहरा में स्थित है। इस भूमि से जुड़े मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं और कोर्ट द्वारा स्थगन आदेश (स्टे) भी जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद आरोप है कि राजहंस गृह निर्माण सहकारी समिति और कीर्ति नगर गृह निर्माण सहकारी समिति से मिलीभगत कर फर्जी पट्टे और आवंटन पत्र जारी कर अवैध कॉलोनी बसाई जा रही है।
पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पुलिस थाना करधनी में आर/12/2024 के तहत विभिन्न धाराओं—420, 406, 467, 468, 471, 447, 448, 323, 341 और 120-बी आईपीसी में मामला दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं करते हुए इसे सिविल मामला मानकर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी।

इसके बाद बनवारी लाल शर्मा ने 2 सितंबर 2024 को न्यायालय में पुनः जांच के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसे 4 सितंबर 2024 को स्वीकार करते हुए अदालत ने अग्रिम अनुसंधान के आदेश दिए। बावजूद इसके, आरोप है कि थाना करधनी में लंबे समय तक कोई ठोस जांच नहीं की गई और करीब डेढ़ साल तक पत्रावली लंबित रखी गई।
पीड़ित का आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी, जिनमें श्रीनाथ, मुरारी लाल, धन्य लाल, जगदीश मांड्या और बीरबल शामिल हैं, ने सोसाइटी के साथ मिलकर मामले को दबाने का प्रयास किया। साथ ही यह भी आरोप है कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने अवैध कॉलोनी में सस्ते दामों पर प्लॉट खरीद लिए और अब पीड़ित को उसकी जमीन से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है।
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने कई बार जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में भी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मामले में न्यायालय ने 10 अप्रैल 2026 को एक बार फिर से पुनः जांच के आदेश दिए हैं। इसके बाद पत्रावली पुनः थाना करधनी भेजी गई है, लेकिन पीड़ित का कहना है कि अब भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।
बनवारी लाल शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है और जानमाल का खतरा बना हुआ है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।



